Author: admin

📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ: चरण तिथि आवेदन शुरू जून 2025 से अंतिम तिथि 13 अगस्त 2025 फेज 1 परीक्षा 13 दिसंबर 2025 (शनिवार, सुबह 11:30 बजे) फेज 2 परीक्षा 11 अप्रैल 2026 (शनिवार, सुबह 11:30 बजे) परिणाम (फेज 1) जनवरी 2026 में संभावित परिणाम (फेज 2) मई 2026 में संभावित ✅ पात्रता (Eligibility): जन्म तिथि: 1 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 के बीच। पढ़ाई: छात्र 2025–26 सत्र में कक्षा 5 में पढ़ रहा हो। स्थान: उसी जिले के सरकारी/मान्यता प्राप्त स्कूल से पढ़ाई जरूरी, जहाँ JNV में प्रवेश चाहिए। केवल एक बार मौका: एक छात्र केवल 1 बार इस परीक्षा…

Read More

🏥 क्या है आयुष्मान कार्ड? आयुष्मान कार्ड (जिसे “गोल्डन कार्ड” भी कहा जाता है) भारत सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत जारी किया जाता है। इसके ज़रिए पात्र परिवारों को ₹5 लाख प्रति वर्ष तक निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। ✅ कौन पात्र है? जिनके नाम SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) सूची में हैं। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले सभी वरिष्ठ नागरिक अब इस योजना में स्वतः पात्र हैं – चाहे उनकी आय कुछ भी हो। 📋 ज़रूरी दस्तावेज़ आधार कार्ड राशन कार्ड निवास प्रमाण पत्र मोबाइल नंबर (आधार से लिंक हो) यदि मांगा…

Read More

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल वाटिकाओं (पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों) के लिए 8,800 ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) शिक्षक रिक्तियों की घोषणा की है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से वेबसाइट https://sewayojan.up.nic.in/ पर स्वीकार किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया 30 सितंबर, 2025 तक पूरी होने का लक्ष्य है। ईसीसीई शिक्षकों को 10,313 रुपये मासिक वेतन मिलेगा और उन्हें मेरिट के आधार पर 11 महीने के लिए नियुक्त किया जाएगा। पात्रता के लिए गृह विज्ञान में स्नातक और 18 से 40 वर्ष की आयु होना आवश्यक है। संस्थान/कंपनी:   Bigzia Management Pvt ई०सी०सी०ई० एजुकेटर के पद पर नियुक्ति के संबंध में pdf डाउनलोड करे…

Read More

अगर आपका आधार कार्ड खो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप इसे दोबारा आसानी से डाउनलोड या प्राप्त कर सकते हैं।आपका आधार कार्ड पहले से बना हुवा है लेकिन कही गुम या खो गया है काफी प्रयास के बाद भी नहीं मिल रहा है ,तो इसे दोबारा बनवाने का प्रयास न करे ,क्योकि आधार सिर्फ एक बार बनता है , “Download Aadhaar” विकल्प चुनें। वहाँ तीन विकल्प मिलेंगे: Aadhaar Number Enrollment ID (अगर Aadhaar नंबर नहीं पता) Virtual ID जानकारी भरें (जैसे नाम, पिनकोड, आदि)। OTP (वन टाइम पासवर्ड) आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर आएगा। OTP दर्ज करने…

Read More

आल्हा-ऊदल के द्वारा स्थापित की गई थी मां सोनासरि देवी। उत्तर प्रदेश लखनऊ से लगभग 100 किलोमीटर दूर गाँव सेवता में मां सोनासरि देवी मंदिर काफी प्रसिद्ध है। माता की मूर्तियों को विध्याचल से आल्हा-ऊदल यहां लाए थे। तब से मां सोनासरि देवी यहां मंदिर में विराजमान हैं। प्रसिद्ध आल्हा खंड में सोनासरि देवी का मां सोनवा के नाम से वर्णन है। श्रद्धालु पूरे नवरात्र माता का भव्य श्रृंगार करते हैं। सुबह-शाम आरती एवं पूजा होती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। इतिहास इतिहास और रहस्यों को समेटे सोनासरि देवी मां के मंदिर में पिडी स्वरूप माता रानी…

Read More

जहाँ संत रहते हैं, वहाँ शांति, करुणा और प्रेम का वास होता है।” “संतों का जीवन एक खुली पुस्तक की तरह होता है, जिससे हर कोई ज्ञान प्राप्त कर सकता है।” जिला सीतापुर के ब्लॉक रेउसा से लगभग 20 किलोमीटर दूर मुजेहना आश्रम। जो कि स्वामी महराज या मौनी बाबा के नाम से  जाना जाता हैं। यह स्थान बहुत ही अटूट श्रद्धा, व विश्वास का केंद्र हैं। यहाँ पर प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को भक्तो की काफी भीड़  होती हैं। लोगों का मानना हैं यहाँ पर मरीज,कोढ़ी व अन्य पीड़ित लोग आते हैं और अर्जी लगाते हैं । और तपस्वारी…

Read More

जनपद सीतापुर मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर बिसवां कस्बे में एक शिव मन्दिर स्थापित है। इस शिव मंदिर में स्थापित सफेद शिवलिंग, उत्तर भारत की सबसे बडी शिवलिंग बतायी जाती है। पत्थर शिवाला मंदिर को, बिसवां की आत्मा कहा जाता है। सावन माह में भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। गांजरी क्षेत्र चहलारी घाट से हजारों की संख्या मे शिवभक्त जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बिसवां आकर भोलेनाथ को जलाभिषेक करते हैं। मंदिर के खम्भों पर चित्ताकर्षक नक्काशी एवं संगमरमर की मूर्तियां श्रद्वालुओं के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। मंदिर…

Read More

सेवता सीतापुर जिला मुख्यालय से से लगभग 65 किलोमीटर दूर मोईया खानपुर जैसे गांजरी क्षेत्र में विराजित, भगवान शिव का दरबार लगभग 300 वर्ष प्राचीन है, बताया जाता हैं की जिसकी स्थापना मोइया निवासी हरिपाल सिंह और महिपाल सिंह द्वारा करवाई गई थी। मंदिर स्थापना हेतु काशी के विद्वानों को बुलाया गया था, और 9 दिन के विधिवत अनुष्ठान के उपरांत भगवान, शंकर सहित पूर्ण शिव परिवार विराजित हुआ था, जिसमें गौरी, गणेश, राम दरबार और हनुमान जी की मूर्तियों को शिव जी सफेद शिव लिंग के साथ विराजित किया गया था । मंदिर के गेट के सामने लगा समी…

Read More